*बेहतर गुणवत्ता के साथ नेत्र रोगियों के लिए सभी लोग करें काम, डा इलेश जैन*

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सद्गुरू नेत्र चिकित्सालय में शासकीय नेत्र सर्जनो की दो दिवसीय कार्यशाला का हुआ समापन,

कार्यशाला में आए सभी शासकीय चिकित्सकों ने डा बी के जैन को नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में माना अपना भीष्म पितामह

चित्रकूट,

चिकित्सा एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से राष्ट्रीय दृष्टि विहिंता एवं दृष्टि दोष नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन उत्तर प्रदेश के तत्वाधान में सरकारी अस्पतालों में नेत्र सर्जरी में गुणवत्ता लाने के लिए संत रणछोड़ दास जी महाराज द्वारा संस्थापित सद्गुरू नेत्र चिकित्सालय जानकीकुंड-चित्रकूट में दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया | जिसमे प्रदेश के 18 मंडलों से आये लगभग 40 वरिष्ठ नेत्र चिकित्सक (सर्जनो) ने कार्यशाला में प्रतिभाग किया | इस दो दिवसीय कार्यशाला में सद्गुरू नेत्र चिकित्सालय निदेशक डॉ. बी. के. जैन, डा राजेश जोशी, डा आशीष बजाज एवं अन्य चिकित्सको ने नेत्र सर्जरी में गुणवत्ता , क्षमता , और कार्य कुशलता जैसे तमाम विषयो पर अपनी जानकारियां साझा की साथ ही चिकित्सक दल ने अस्पताल परिषर में ओपीडी व आपरेशन थियेटर में तकनीकी बारीकियों को भी देखा और कहा कि हमने भारत में नेत्र से संबंधित सारी व्यवस्थाओं से लैस इतना बड़ा चिकित्सालय नही देखा है।वंही दो दिवसीय कार्यशाला के समापन के दौरान श्री सदगुरू सेवा संघ ट्रस्ट के ट्रस्टी एवम् सद्गुरू नेत्र चिकित्सालय के प्रशासक डा ईलेश जैन ने 18 मंडलों से गुणवत्ता प्रशिक्षण लेने आए सभी नेत्र सर्जनों एवम् उत्तर प्रदेश राज्य मेडिकल परामर्शदाता अभय द्विवेदी,साइड सेवर के यूपी हेड प्रमोद त्रिपाठी से कहा कि सदगुरु नेत्र चिकित्सालय आपका है देश के सभी नेत्र रोगियों के लिए है और हम सब नेत्र रोगियों के लिए ही काम कर रहे है। हम सबका संकल्प और उद्देश्य होना चाहिए कि हम अंधत्व निवारण पर अपने देश के नेत्र रोगियों के लिए कितना बेहतर से काम कर सकते है इस सोंच के साथ अगर हम सब काम करेगे तभी हमारी अपने नेत्र रोगियों के लिए और अपने देश के लिए सच्ची सेवा होगी साथ ही उन्होंने कहा कि अंधत्व निवारण पर सदगुरु नेत्र चिकित्सालय की आपको जैसी भी और जिस तरह की मदद आपको लेनी हो हर समय मदद के लिए तैयार है। वहीं प्रशिक्षण लेने आये रानी लक्ष्मीबाई संयुक्त अस्पताल लखनऊ के डॉ. के पी सिंह ने बताया कि बहुत ही छोटी-छोटी चीजे जो ध्यान में नहीं आती उन चीजों को यंहा देखा और काफी कुछ सीखने को मिला इसका उपयोग कर लोगो को बेहतर सुविधाएं दे सकेंगे |

*उद्घोष समय से सुरेश कुमार की रिपोर्ट*

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