अम्बाह की पौने तीन साल की कप्तानी से अलविदा…

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रामकिशन सिंह अम्बाह…
अम्बाह // चम्बल में शहीद बिश्मिल की भूमि से अटूट रिश्ता रहा है, इससे पहले गुना में चाचौडा ओपनिग अवधि, उसके बाद अम्बरीश नगरी अम्बाह में एसडीएम रहते हुये सयुक्त कलेक्टर प्रमोसन प्राप्त कर क्षैत्र में जनता की दिलो राज करते हुये शिबपुरी को बिदाई किया और अब ये अम्बाह में पौने तीन साल की कप्तानी करके अम्बाह पोरसा बिश्मिल नगर बरबाई मानों घर जैसा लगने लगा था।

यहां के नागरिकों, मीडिया बंधुओं तथा राजस्व व पुलिस के मेरे साथियों ने इतना सम्मान और स्नेह दिया जो कि मैं शब्दों में बयां नहीं कर सकता। मेरे कैरियर के ना भूलने वाले पौने तीन साल यहां निकले हैं। जब मैने यहां ज्वाइन किया था तो उप चुनावों और कोरोना की दोनों लहरें, तमाम धरना प्रदर्शन, बड़ी-बड़ी घटनाएं उन सभी में टीम वर्क व आप लोगो के सहयोग से सफलता मिली, यहां मेरे बिताए गये एक-एक दिन शायद ही में कभी भूल पाऊं।

अम्बाह व पोरसा व ग्रामीण के नागरिकों का स्नेह और उनकी यादे मेरे ह्दय में हमेशा ताजा रहेंगी। वक्त ने चाहा तो जिंदगी के मोड़ पर मुलाकात होगी।

जय हिंद !!

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