वेयरहाउस संचालक की मनमानी सेट का 10 किसानों के 24.48 लाख का भुगतान

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जांच में दोषी होने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं

समर्थन मूल्य में किसानों से खरीदी गई धान का भंडारण वेयरहाउस में किए जाने के बाद भी संचालक के द्वारा स्वीकृत पत्रक नहीं जारी किए जाने से मैहर के शारदा महिला स्व सहायता समूह में धान बेचने वाले 10 किसानों की 24.48 लाख की राशि अटक गई है। स्वीकृत पत्र जारी नहीं किए जाने की शिकायत स्व सहायता समूह की अध्यक्ष सुधा सिंह ने 4 फरवरी को नान के जिला प्रबंधक खाद्य आपूर्ति विभाग में की गई, इसके बावजूद भी वेयरहाउस संचालक के द्वारा स्वीकृत पत्रक जारी नहीं किए जाने के मामले को लेकर कोई कार्यवाही नहीं की गई। इसी मामले को लेकर 1 फरवरी को फिर से समूह के द्वारा कलेक्टर कार्यालय में शिकायत की गई, जहां के मामले की जांच के लिए कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी दीपक परमार को निर्देशित किया गया। इस मामले की जांच में जांच अधिकारी श्री परमार ने अपनी एक रिपोर्ट कलेक्टर कार्यालय को भेजी है, जिसमें बताया कि अमन इंटरप्राइजेज के प्रॉप्राइटर सलमा पति इकबाल अहमद के द्वारा अनुचित आर्थिक लाभ कमाने के लिए शारदा महिला स्व सहायता समूह के सदस्यों को परेशान किया जा रहा है। इतना सब कुछ होने के बाद भी अमन इंटरप्राइजेज वेयरहाउस के संचालक के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की जा रही।
समूह के सदस्यों का किया जा रहा शोषण – जांच अधिकारी दीपक परमार ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट उल्लेख किया है कि अमन इंटरप्राइजेज के संचालक द्वारा समूह के सदस्यों का शोषण किया जा रहा है। धान को खुले स्टॉक के ऊपर रख दिया गया है। जांच के दौरान बोरियों की गिनती की गई जहां पर 2 हजार 272 धान की अधिक बोरियां रखी है गई है। वेयर हाउस के संचालक द्वारा जानबूझकर हैंडलिंग चालान क्रमांक 5901205300290 को स्वीकृत नहीं किया जा रहा है, जिससे धान बेचने वाले किसानों को भुगतान नहीं हो पा रहा है।
अधिक वजन लेने का लगाया आरोप – धान खरीदी करने वाली समूह की अध्यक्ष सुधा सिंह ने आरोप लगाया कि मैया स्थित अमन इंटरप्राइजेज वेयर हाउस के संचालक द्वारा निर्धारित मात्रा से 500 ग्राम अधिक धान लिए जाने का अनैतिक दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताएं कि स्व सहायता समूह के द्वारा अमन वेयर हाउस परिसर में धान खरीदी केंद्र बनाया गया है यहां पर 48 हजार 839 कुंटल धान 715 किसानों से खरीदी गई और निर्धारित मात्रा के मुताबिक बोरी सहित 40 किलो 580 ग्राम तौल की गई जबकि संचालक के द्वारा 41 किलो वजन दिए जाने का दबाव बनाया गया। यही वजह है कि वेयरहाउस संचालक के द्वारा 12 सौ कुंटल धान का स्वीकृत पत्रक जारी नहीं किया जा रहा।

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