बरसात से गिरा गरीब मजदूर का आशियाना,जान जोखिम में डालकर क्षतिग्रस्त मकान में रहने को मजबूर

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सिवनी

विकासखंड सिवनी में अंतर्गत आने वाले ग्राम चावड़ी (पलारी) निवासी एक गरीब मजदूर रफीक शाह के मकान की छत विगत दिनों की बरसात में गिर गई । जिस वक्त ये घटना घटी उस समय परिवार के लोग और छोटे बच्चे घर में खाना खा रहे थे। गनीमत यह रही कि किसी भी प्रकार की कोई दुर्घटना लोगों के साथ नहीं हुई। चावड़ी निवासी रफीक शाह पेशे से एक मजदूर है और अपने कच्चे मकान में गुजर बसर कर रहा है।


मीडिया को जानकारी देते हुए रफीक शाह ने बताया कि अभी तक उसे प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना का लाभ नहीं मिला जबकि वह गरीबी रेखा की पात्रता भी रखता हे। और उसके पास इतनी जमा पूंजी भी नहीं है कि वह अपने लिए एक अच्छा आशियाना बना कर गुजर-बसर कर सकें इस कारण कच्चे मिट्टी खपरेल के बने घर में परिवार सहित जीवन यापन कर रहा है । विगत दिनों धुआंधार बरसात में घर की छत अचानक भरभरा कर गिर पड़ी यह तो गनीमत रही कि किसी प्रकार की जान माल की हानि नहीं हो पाई वही कच्चे मकान की दीवारें भी क्षतिग्रस्त है जेल रहने के लिए कोई दूसरा विकल्प नहीं होने के कारण उसे क्षतिग्रस्त मकान पर पन्नी तिरपाल पन्नी ढककर मजबूरी में गुजर-बसर करनी पड़ रही है।
चावड़ी जैसी ही घटना ना जाने चट्टानों ग्रामों में वर्षा काल पर घट रही है और कई ऐसे परिवार हैं जो मजबूरी में अपने कच्चे और खस्ताहाल मकानों पर अपने परिवार के साथ जीवन यापन करने पर विवश है। और यह घटना प्रधानमंत्री आवास योजना को धत्ता बता देती है। वैसे भी मंत्री आवास योजना में कई ऐसे मामले सामने आ चुके हैं जिनमें अपात्र हितग्राहियों को आवास का लाभ दिलवा दिया गया हे वही पात्र हितग्राही आज भी मकान की आस लिए सरकार की तरफ उम्मीद लगाए बैठे हैं।
अब आगे यह देखना होगा कि ग्राम पंचायत चावड़ी के जिम्मेदार पंचायत कर्मी इस वर्षा काल में गरीब मजदूर रफीक शाह के लिए क्या वैकल्पिक व्यवस्था कर पाते हैं या फिर मजबूरी वश उसी क्षतिग्रस्त मकान पर रफीक शाह को गुजर-बसर करनी होगी।

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आज भी कई जरूरतमंदों को है एक पक्के मकान की दरकार

एक तरफ देश में महत्वकांक्षी योजना प्रधानमंत्री आवास योजना चल रही है जिसको लेकर अधिकारी स्वयं कइयों बार अपनी पीठ थपथपाते नजर आते है। वही स्वयं प्रधानमंत्री जोर शोर से आवास पा चुके हितग्राहियों को गृह प्रवेशम कार्यक्रम के तहत गृह प्रवेश करवा रहे हे।
वहीं अगर जमीनी क्षेत्र में वास्तविकता की बात करें तो आज भी कई ग्रामीण अंचल ऐसे हैं जहां पर कईयों परिवार अपने पक्के मकान का सपना संजोए हुए बैठे हैं जिन्हें आज तक प्रधानमंत्री आवास योजना का किसी भी प्रकार का लाभ नहीं मिल पाया है ,वही इसी योजना मैं कई खामियां भी सामने आ गई जहां अपात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ देकर के वारे न्यारे कर लिए गए । वही पात्र व्यक्ति आज भी सरकार से अपने मकान बन जाने की उम्मीद लगाए बैठा नजर आ रहा है।
संभागीय प्रतिनिधि अजय कर्वेती उदघोष समय न्यूज

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