एशिया बुक- इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड्स में सतना,12 घंटे में 1552 सीमांकन कर बनाया रिकार्ड,कलेक्टर को मिला सर्टिफिकेट

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सतना।प्रदेश और देश ही नहीं पूरे एशिया में जो कोई और नहीं कर सका,वह सतना ने कर दिखाया। सतना जिले के राजस्व अमले ने महज 12 घंटे में 1552 सीमांकन कर रिकार्ड बनाया और स्वर्णाक्षरों में सतना का नाम रिकार्ड बुक में दर्ज कराया। इस उपलब्धि पर बुधवार को एक समारोह में एशिया बुक ऑफ रिकार्ड्स के प्रतिनिधि ने सतना कलेक्टर को सर्टिफिकेट प्रदान किया।

गत 20 मई को महज 12 घंटे में सतना जिले में किये गए 1552 सीमांकन प्रकरणों के निराकरण को एशिया बुक ऑफ रिकार्ड्स में शामिल किए जाने का उत्साह बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित एक गरिमामय समारोह में मनाया गया।

इस अवसर पर एशिया बुक ऑफ रिकार्ड्स के प्रतिनिधि डॉ हर्षित तिवारी ने सतना के रिकॉर्ड बनाने की आधिकारिक घोषणा करते हुए सतना कलेक्टर अनुराग वर्मा को सर्टिफिकेट प्रदान किया। इस महाभियान में सहयोगी रहे जिले भर के राजस्व अधिकारियों- कर्मचारियों की मौजूदगी में हुई इस अवार्ड सेरेमनी में डॉ हर्षित तिवारी ने बतौर कलेक्टर अनुराग वर्मा की लीडरशिप और जिले के समस्त राजस्व अमले के जज्बे और मेहनत की प्रशंसा की।
कलेक्टर अनुराग वर्मा ने इस उपलब्धि का श्रेय अपने अधीनस्थ स्टाफ को देते हुए कहा कि जिले के सभी 730 पटवारी हलकों में पदस्थ राजस्व विभाग के चौकीदार- कोटवार,पटवारी,आरआई,नायब तहसीलदार,तहसीलदार, एसडीएम और एडीएम ने फील्ड में अभूतपूर्व मेहनत की जबकि रीडर- ऑपरेटर और भृत्यों ने कार्यालयीन काम निपटाने में अपना शत प्रतिशत दिया। जब हमने ये महाभियान शुरू करने का निर्णय लिया था तब रिकॉर्ड बनाने का ख्याल भी नहीं आया था। हमने 1275 प्रकरणों का लक्ष्य लेकर सुबह से काम शुरू किया और देर रात तक यह संख्या 1552 पहुंच गई। यह सब की मेहनत का परिणाम है।

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अपर कलेक्टर शैलेन्द्र सिंह एवं एनआईसी के इंजीनियर मनोहर कुमार ने इस मौके पर सीमांकन महाभियान पर एक प्रेजेंटेशन भी दिया और यह बताया कि किस तरह सतना इस मुकाम तक पहुंचा।

तहसीलदार रघुराज नगर बीके मिश्रा ने कहा कि कलेक्टर अनुराग वर्मा की लीडरशिप में मिली इस बड़ी उपलब्धि ने हमे गौरवांवित किया है और प्रेरित किया है कि कोशिश कर रिकॉर्ड बनाए जा सकते हैं।

इस दौरान कलेक्टर वर्मा ने चौकीदार कोटवार,पटवारी,आरआई,नायब एवं तहसीलदारों तथा डिप्टी कलेक्टरों को भी प्रशस्ति पत्र प्रदान किये। इस रिकॉर्ड के डॉक्युमेंटेशन में सहयोग करने के लिए विभूति मिश्रा को भी प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया जबकि विशेष सहयोग के लिए डीपीओ सौरभ सिंह,पीआरओ राजेश सिंह एवं एनआईसी के इंजीनियर मनोहर कुमार की भी सराहना की गई। कार्यक्रम का संचालन महिला एवं बाल विकास अधिकारी सौरभ सिंह ने किया जबकि आभार प्रदर्शन पटवारी बृजेश निगम ने किया।

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