मध्य प्रदेश में होने जा रहे निकाय और पंचायत चुनाव से पहले सरकार ने जनता को रिझाने के लिए खोला खजाना :

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आचार संहिता लागू होने से पहले प्रदेश सरकार ने 30 हजार करोड़ के टेंडर जारी किए हैं.ताकि आचार संहिता लागू होने के बाद भी विकास और निर्माण कार्य सुचारू रूप से कराए जा सकें.

नगरीय निकायों में सरकार ने जनता के विकास के कामों के लिए 30 हजार करोड़ से ज्यादा के टेंडर जारी किए गए हैं. सरकार को पता है कि आचार संहिता लगने वाली है, बारिश से पहले होने वाले सड़कों के निर्माण, मरम्मत और विकास कार्यों को कराने में चुनाव आचार सहिता आड़े नहीं आएगी. साथ ही विकास कार्यों के संबंध में किसी तरह से राजनीतिक कार्यक्रम नहीं किए जा सकेंगे. इसके साथ जिनके टेंडर और वर्क आर्डर जारी हो गए हैं, उन्हें भी आचार संहिता के चलते नहीं रोका जाएगा.

आचार संहिता के पहले सरकार ने खोला खजाना: आचार संहिता लागू होने से पहले जारी टेंडर पर चुनाव के दौरान विकास और निर्माण कार्य पर रोक नहीं लगाई जा सकेगी. इसके अलावा पीएम आवास भी जिनके स्वीकृत हो गए हैं, उन्हें राशि देने और निर्माण कार्य कराने में आचार सहिता का कोई प्रभाव नहीं होगा. लेकिन इन विकास कार्यों के संबंध में किसी तरह से राजनैतिक कार्यक्रम नहीं किए जा सकेंगे. पंचायतों में भी मनरेगा और सड़क तथा अन्य सार्वजनिक निर्माण के कार्यों के लिए टेंडर जारी कर दिए गए हैं, जिसे नहीं रोका जाएगा. नगरीय निकायों में सड़कों की हालत सबसे ज्यादा खराब है, कई जगह सड़कों को खोदकर ही सीवरेज और पानी की पाइप लाइन डाली गई है. बारिश से पहले इन्हें दुरुस्त नहीं किया गया, तो सड़कों में पानी जमा होने लगेगा.

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