नोडल ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट एकेएस विश्वविद्यालय सतना में प्रशिक्षण।कृषिगत विकास के क्षेत्र में बेहतर सेवा के लिए पूरी तरह तैयार कृषि आदान विक्रेता।

0


सतना।राष्ट्रीय कृषि प्रसार संस्थान,मैनेज हैदराबाद द्वारा निर्धारित गाइडलाइन पर राज्य स्तरीय कृषि विस्तार प्रशिक्षण संस्थान, भोपाल की सतत निगरानी में सतना जिले के 39 कृषि आदान विक्रेताओं के लिए नोडल ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट एकेएस विश्वविद्यालय सतना में 05 नवम्बर 2022 से प्रत्येक रविवार को प्रातः 10 बजे से सायंकाल 05 बजे तक दिए गए पाठ्यक्रम के अनुसार योग्य एवं अनुभवी प्राध्यापकों द्वारा पावर प्वाइंट प्रस्तुति के माध्यम से प्रभावी पाठ्य सामग्री के साथ प्रशिक्षित किया गया। कृषि आदान विक्रेताओं से रुबरु हुए संचालक सिएट भोपाल के के.पी.अहिरवार,नोडल ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट,एकेएस में कृषि आदान विक्रेताओं से रूबरू होकर देसी डिप्लोमा कोर्स पर विस्तार से चर्चा की साथ ही उन्होंने कहा कि प्रशिक्षणार्थियों के अनुभव से ऐसा प्रतीत होता है कि देसी डिप्लोमा कोर्स जिस उद्देश्य से आयोजित किया गया था उसकी पूर्ति हो रही है। संचालक सिएट ने कहा कि लगभग 80 प्रतिशत किसान सभी प्रकार की समस्याओं के समाधान हेतु सबसे पहले कृषि आदान विक्रेताओं से संपर्क करता है। आदान विक्रेता अपनी जानकारी के आधार पर किसानों को खाद, बीज एवं दवाएं उपलब्ध करा कर रहे हैं। निर्धारित योग्यता एवं जानकारी के साथ हम किसान की बेहतरी के लिए अपनी सेवाएँ दे सकें इस हेतु डिप्लोमा कोर्स की डिजाइन की गई है।इसके माध्यम से बीएससी,एग्रीकल्चर चार वर्ष का कोर्स है उसकी बेसिक जानकारी 40 सप्ताह में 80 कक्षाओं के माध्यम से देने का प्रावधान है। 8 शैक्षणिक भ्रमण के माध्यम से कृषिगत विकास के क्षेत्र में विकसित एवं प्रदर्शित तकनीकों का प्रत्यक्ष दर्शन कर उसकी उपयोगिता एवं वास्तविकता से हुए हैं।


देसी डिप्लोमा कार्यक्रम के फैसिलिटेटर डा.वेद प्रकाश सिंह ने बताया कि नियोजित कक्षाओं का संचालन एवं शैक्षणिक भ्रमण कराकर आदान विक्रेताओं को तकनीकी रूप से दक्ष बनाया गया है जिससे डीलर्स किसानों की कृषिगत समस्याओं के समाधान में बेहतर सेवा प्रदान कर सकें यही इस कार्यक्रम का उद्देश्य भी है। सतना से आदान विक्रेता अनुराग मलैया, रामपुर बघेलान से अभिशेष त्रिपाठी, गौरैया से लालकुंवर बिक्रम प्रताप सिंह,‌ मैहर से श्रीमती आरती गुप्ता एवं चोरमारी से श्रीमती विश्व भारती सिंह ने देसी डिप्लोमा का व्यवसाय संचालन में उपयोगिता के साथ ही व्यक्तिगत एवं सामाजिक जीवन में इसके महत्व से संबंधित अपना-अपना अनुभव साझा किया। फैसिलिटेटर डॉ वेद प्रकाश सिंह ने बताया कि डिप्लोमा कार्यक्रम के सफल संचालन में परियोजना संचालक आत्मा श्री राजेश त्रिपाठी, एकेएस विश्वविद्यालय के चेयरमैन एवं प्रो चांसलर ई अनंत कुमार सोनी,कृषि संकाय के अधिष्ठाता डा.एस एस.तोमर, विभागाध्यक्ष डा.नीरज वर्मा, कोर्स कोआर्डिनेटर राजवीर सिंह एवं रिसोर्स पर्सन के रुप में सभी प्राध्यापकों का योगदान सराहनीय रहा है।

यह भी पढ़ें:   प्रोफेसर डॉ.अखिलेश ए वाऊ के मार्गदर्शन में कंप्यूटर साइंस के छात्रों ने किया सम्मान में इजाफा।

Leave A Reply

Your email address will not be published.