हमें सबसे पहले मन्दिर में जाकर भगवान के आगे शीश झुकाकर क्षमा मांगनी चाहिए। अनीता दीदी

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अम्बाह। अम्बाह में जैन बगीची में बड़े ही उत्साह के साथ क्षमा वाणी पर्व मनाया गया । जिसमें कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का प्रारंभ किया गया। दीप प्रज्ज्वलित करने वाले सुमित चंद्र जैन, प्रकाश जैन,अंतराम जैन मुन्ना लाल जैन सराफ,सगु चंद्र जैन, अशोक जैन,नरेश चंद्र जैन गुरू, राकेश जैन भंडारी,
जय ,दयाल जी जैन, विजय जैन, आनंद टकसारी, ने किया।
मंगलाचरण पाठशाला के बच्चों ने किया।
दस लक्षण पर्व चल रहे उतम क्षमा से शुरू होकर उतम क्षमा तक समाप्त होते हैं। जब तक हम क्षमा वाणी पर्व नहीं बनाते है । तो हमारे दस लक्षण पर्व अधूरे माने जाते हैं।‌ इसलिए हमें क्षमा वाणी पर्व बनाना चाहिए। ब्रह्मचारिणी अनीता दीदी ने कहा कि । हमें सबसे पहले मन्दिर में जाकर शीश झुकाकर जिनेन्द्र भगवान से क्षमा मांगनी चाहिए । क्योंकि सबसे ज्यादा गलती हम मन्दिर में ही करते हैं। हम सोचते हैं कि हमने मन्दिर में कोई ग़लती की नहीं है तो हम भगवान से क्षमा क्यों मांगे। मन्दिर में पूजा करते समय इधर उधर की बातें करना अभिषेक लेते समय झीना झपटी करना अभिषेक नीचे गिर जाना यही पाप करते हैं । ऐसा गलती हम बहुत करते हैं । इसलिए सबसे पहले मन्दिर में जाकर भगवान से क्षमा मांगनी चाहिए। संकृसतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति पाठशाला के बच्चों एवं बहु मंडल एवं श्री अरिहंत बालिका मंडल द्वारा की गई। कार्यक्रम में लकी ड्रा की पर्ची खोली गई जिसमें प्रथम ईनाम
शिखा राहुल जैन, दूसरी ईनाम ज्योति मनीष, तीसरी ईनाम मनोज जैन भंडारी को प्राप्त हुई। लकी ड्रा के बाद
स्वल्पाहार की व्यवस्था की गई। एक दूसरे को गले मिलकर मनाई सामूहिक
क्षमा वाणी सामूहिक क्षमावाणी बनाने से एकता परिचय होता है।

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